धर्मनिरपेक्षता एक राजनैतिक उपक्रम ???
धर्मनिरपेक्षता और पंथनिरपेक्षता शब्दो के उपयोग का व्दन्द मात्र नही राजनैतिक स्वार्थो की पूर्ति भी हैं धर्मनिरपेक्षता पर चर्चा ........ ( पुनीत शुक्ला ) धर्मनिरपेक्षपता की चर्चाओं मे अनायास ही राजनैतिक तारतम्य तुरन्त समाहित होते चले जाते हैं। धर्मनिरपेक्षता की सही सही व्याख्या शायद किसी के लिए संभव नही हैं, इसलिए अधिक उचित होता हैं कि विवादों से बचने के लिए प्रायः पंथनिरपेक्षता शब्द का उपयोग कर लिया जाता हैं। इसका कारण यह भी हो सकता हैं कि प्राचीनतम भारतीय परम्परा के विपरीत आज भारत में धर्म को पूरा पूरा जानने के बजाय बिना जाने मानने वालो की संख्या बहुत अधिक हैं । वर्तमान में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय के अनुपालन मे रामजन्म भूमि अयोध्या में श्रीराम मन्दिर के शिलान्यास कार्यक्रम पर राजनैतिक बहस छिड़ी हुई हैं। इस राजनैतिक जमीन पर धर्मनिरपेक्षता की बात संविधान को ढाल बनाकर की जा रही हैं। ऐसा आज ही हो रहा हैं यह भी नही , भारतीय राजनीति में ऐसा सदा से होता रहा हैं पर राजनैतिक दलों और नेताओ द्वारा आमजन को अपने अनुसार समझाया अलग अलग नजरियों से गया हैं। आज औवेसी प...